वक्फ बिल के खिलाफ देशभर में मुस्लिम समुदायों का मोर्चा, मुंबई-कोलकाता से चेन्नई समेत देशभर में विरोध

नई दिल्ली: वक्फ संशोधन विधेयक लोकसभा और राज्यसभा से पारित हो चुका है। हालांकि, कांग्रेस ने दोनों सदनों में इस विधेयक का विरोध किया। अब कांग्रेस इस विधेयक के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट पहुंच गई है। कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर कर वक्फ संशोधन अधिनियम को चुनौती दी है। वहीं, दूसरी ओर देश में कई जगहों पर मुसलमानों ने वक्फ संशोधन विधेयक के खिलाफ प्रदर्शन किया है। इस बीच, ऑल इंडिया मुस्लिम पर्सनल लॉ बोर्ड ने इस विधेयक के पारित होने के बाद इसे लोकतंत्र के लिए काला अध्याय और कलंक बताया है।
कांग्रेस ने सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की
बता दें कि कांग्रेस सांसद मोहम्मद जावेद ने वक्फ (संशोधन) विधेयक के पारित होने के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट में याचिका दायर की है। दायर याचिका में कांग्रेस सांसद ने प्रस्तावित कानून को "मुसलमानों के प्रति भेदभावपूर्ण" बताया है। उन्होंने तर्क दिया कि यह संविधान के अनुच्छेद 14, 25, 26, 29 और 300ए का उल्लंघन करता है।
कांग्रेस विरोध जारी रखेगी- जयराम रमेश
हालांकि, इससे पहले कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि कांग्रेस वक्फ बिल के खिलाफ सुप्रीम कोर्ट का दरवाजा खटखटाएगी। कांग्रेस सांसद जयराम रमेश ने कहा कि पार्टी कांग्रेस बहुत जल्द वक्फ (संशोधन) विधेयक, 2024 की संवैधानिकता को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती देगी। कांग्रेस सांसद ने कहा कि वह भारत के संविधान में निहित सिद्धांतों, प्रावधानों और प्रथाओं पर मोदी सरकार द्वारा किए जा रहे सभी हमलों का विरोध जारी रखेगी।
राज्यसभा से भी बिल पास
कांग्रेस पार्टी ने लोकसभा और राज्यसभा में वक्फ संशोधन विधेयक का विरोध किया था। लोकसभा के बाद वक्फ संशोधन विधेयक राज्यसभा से भी पास हो गया है। राज्यसभा में बिल के पक्ष में 128 और विरोध में 95 वोट पड़े।
वक्फ बिल के खिलाफ मुसलमानों ने किया विरोध
वक्फ संशोधन विधेयक के लोकसभा और राज्यसभा से पास होने के बाद देश में कई जगहों पर मुस्लिम संगठनों ने विरोध प्रदर्शन किया है। गुजरात के अहमदाबाद में मुस्लिम संगठनों ने इस बिल के खिलाफ विरोध प्रदर्शन किया है। इसके अलावा कोलकाता, मुंबई, हैदराबाद समेत देश के अन्य स्थानों पर भी विरोध प्रदर्शन हुए।
'सरकार ने मुसलमानों की आवाज नहीं सुनी'
एआईएमपीएलबी ने कहा कि सत्ता में बैठे लोग सत्ता के नशे में चूर होकर आगे बढ़ रहे हैं। सरकार ने मुस्लिम संगठनों और मुसलमानों की आवाज नहीं सुनी। मुसलमान इसके खिलाफ चुप नहीं बैठेंगे और पूरे देश में प्रदर्शन किए जाएंगे।