दो आईपीएस अधिकारियों की खातिरदारी करने वाला आरोपी : आशीष घोष
रायपुर: रायपुर के थानों में कई थानेदारों को आम लोगों की शिकायत सुनने और उनकी फरियाद पर कार्रवाई करने का समय नहीं मिलता, लेकिन वही अधिकारी अपने लिए वसूली करने वाले एजेंट को सरकारी गाड़ी में लेकर घूमते थे। ऐसा ही मामला सामने आया है, जहां फर्जी पुलिस वाला आशीष घोष उर्फ आशीष दास उर्फ आशीष शर्मा उर्फ आशीष ङ्क्षसह राजपूत के कारनामे उजागर हुए हैं।
दो आईपीएस अधिकारियों की खातिरदारी करता था आरोपी
सूत्रों के अनुसार, आशीष दो आईपीएस अधिकारियों की हर तरह से खातिरदारी करता था और शहर के कई थानेदारों के एजेंट के रूप में सक्रिय रहता था। उसने वर्तमान और पूर्व थानेदारों के लिए कई काम निपटाए और अपने लिए वसूली भी की।
सिपाहियों और हवलदारों को ट्रांसफर कराता था
आरोपी सिपाहियों, हवलदारों और एसआई को अलग-अलग थानों में ट्रांसफर करवाता और समय-समय पर उनसे वसूली करता था। कुछ दिन पहले क्राइम ब्रांच के सिपाही से पैसों की मांग की गई। जब सिपाही ने मना किया, तो आरोपी ने उसका ट्रांसफर करवा दिया।
थानेदारों का एजेंट बनकर करता था काम
आशीष शहर में कई थानेदारों का एजेंट बनकर घूमता था। थानों में आने वाली शिकायतें, धोखाधड़ी और अन्य मामलों में लाइजङ्क्षनग करता था। कई मामलों में थानेदारों के लिए कमीशन भी ले चुका है।
सटोरिए और जुआरियों के अड्डों में भी सक्रिय
आशीष ने थानों के स्टाफ के साथ मिलकर सटोरिए और जुआरियों के अड्डों पर छापा भी मारा। कोतवाली थाने के पूर्व टीआई और एक हवलदार आरोपी को पेट्रोलिंग में अपने साथ बैठाकर घूमते थे।
एक भाई कांग्रेस नेता
आरोपी का एक भाई कांग्रेस नेता है। हालांकि दोनों भाइयों के बीच अच्छे संबंध नहीं हैं। हाल ही में ड्रग्स रैकेट में शामिल नव्या मलिक के पकड़े जाने के बाद कई रसूखदारों के नाम संदेही के तौर पर सामने आए हैं।
पुलिस ने रिमांड पर लिया
आशीष को पुरानी बस्ती पुलिस ने पुलिस अधिकारी बनकर घूमते हुए पकड़ा। उसके पास एसीबी का फर्जी आईडी कार्ड मिला। उसके खिलाफ बीएनएस की धारा 204, 319(2), 336(3), 339, 340(2) के तहत अपराध दर्ज किया गया। आरोपी को कोर्ट में पेश कर दो दिन की पुलिस रिमांड पर लिया गया।
सिपाही की पत्नी को भी किया प्रताड़ित
आशीष ने एक सिपाही की पत्नी को भी प्रताड़ित किया। हालांकि सिपाही ने विभाग और उच्च अधिकारियों के चलते शिकायत नहीं की, लेकिन सिपाही के साथियों ने आरोपी की जमकर पिटाई की। अफसरों की ओर से इस मामले में कोई कार्रवाई नहीं हुई।
थानेदारों और अन्य रसूखदारों के नाम सामने आने की आशंका
पुलिस जांच में कई थानेदारों और अन्य रसूखदारों के नाम सामने आने की संभावना जताई जा रही है।


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