नई दिल्ली. पश्चिम बंगाल (West Bengal) में बीच चुनाव (Election) भी गठबंधनों (Alliances) का गणित बदलने का सिलसिला जारी है. तृणमूल कांग्रेस (TMC) से निकाले जाने के बाद हुमायूं कबीर (Humayun Kabir) ने अपनी पार्टी बना ली थी. हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन कर असदुद्दीन ओवैसी की अगुवाई वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) अपनी सियासी जड़े जमाने की कोशिश में थी.

इस बार मिलकर चुनावी रणभूमि में उतरने का ऐलान करने वाली दोनों पार्टियों की राहें अब जुदा हो गई हैं. ओवैसी की अगुवाई वाली एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर की पार्टी से गठबंधन तोड़ने का ऐलान कर दिया है. एआईएमआईएम ने अपने ऑफिशियल एक्स हैंडल से पोस्ट कर कहा है कि पार्टी पश्चिम बंगाल चुनाव अकेले लड़ेगी. आगे किसी भी पार्टी के साथ कोई गठबंधन नहीं किया जाएगा.

एआईएमआईएम ने हुमायूं कबीर के बयानों से किनारा करते हुए कहा है कि पार्टी किसी भी ऐसे बयान से खुद को नहीं जोड़ सकती, जिसमें मुस्लिमों की निष्ठा और ईमानदारी पर सवाल उठाए जाएं. एआईएमआईएम की ओर से कहा गया है कि आज के हालात में पार्टी ने हुमायूं कबीर के दल के साथ अपना गठबंधन समाप्त कर दिया है.

एआईएमआईएम ने अपनी सोशल मीडिया पोस्ट में यह भी कहा है कि बंगाल के मुस्लिम देश के सबसे गरीब, उपेक्षित और उत्पीड़न का शिकार समुदायों में से एक हैं. पार्टी ने लेफ्ट और टीएमसी पर तंज करते हुए कहा कि दशकों तक तथाकथित धर्मनिरपेक्ष शासन के बावजूद पश्चिम बंगाल में मुस्लिमों के लिए कुछ खास नहीं किया गया.

ओवैसी की पार्टी ने इसी पोस्ट में यह भी कहा है कि किसी भी राज्य में चुनाव लड़ने को लेकर एआईएमआईएम की नीति यह है कि हाशिए पर मौजूद समुदायों को एक स्वतंत्र राजनीतिक आवाज मिले. एआईएमआईएम की ओर से यह ऐलान हुमायूं कबीर का वीडियो वायरल होने के बाद आया है.

वायरल वीडियो में क्या था
तृणमूल कांग्रेस ने एक वीडियो शेयर किया था. इस वीडियो में आम जनता उन्नयन पार्टी के प्रमुख हुमायूं कबीर के बीजेपी के साथ मिलकर एक हजार करोड़ रुपये का खेल करने की बात थी. टीएमसी ने दावा किया था कि मुस्लिमों की भावनाओं का इस्तेमाल कर उनके वोट बीजेपी की ओर मोड़ने की कोशिशें हो रही हैं. फिरहाद हकीम ने टीएमसी नेताओं के साथ प्रेस कॉन्फ्रेंस कर वीडियो जारी किया, जिसमें हुमायूं कबीर किसी से बात करते दिखाई दे रहे हैं.

हुमायूं कबीर इस वीडियो में कहते दिखाई दे रहे हैं कि बाबरी मस्जिद बनेगी या नहीं, ये छोड़ो. एक हजार करोड़ रुपये आएंगे. मुस्लिम बहुत भोले हैं, उनको बेवकूफ बनाना बहुत आसान है. टीएमसी ने हुमायूं कबीर और बीजेपी के बीच हजार करोड़ रुपये की डील का दावा किया था. इस वीडियो पर हुमायूं कबीर की सफाई भी आई थी. हुमायूं कबीर ने वीडियो को एआई जेनरेटेड बताते हुए कहा था कि टीएमसी की ओर से लगाए गए सभी आरोप गलत हैं.

हुमायूं कबीर ने क्या कहा था
हुमायूं कबीर ने कहा था कि मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव और असम के सीएम हिमंत बिस्वा सरमा हैं. प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह हैं. साल 2019 के बाद इनमें से किसी से भी कोई संपर्क नहीं है. उन्होंने टीएमसी को चुनौती दी कि 2019 के बाद किसी बीजेपी नेता से मुलाकात की फोटो या सबूत हो, तो दिखाएं. हुमायूं कबीर ने इस मामले में फिरहाद हकीम और कुणाल घोष के साथ ही मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, टीएमसी महासचिव अभिषेक बनर्जी के खिलाफ भी मानहानि का मुकदमा दायर करने की बात कही थी.