भारतीय किसान संघ एक बार आंदोलन की राह पर....
भोपाल। आज भारतीय किसान संघ मध्यभारत प्रान्त ने किसानों की समस्याओं को लेकर पूरे प्रान्त के 16 जिलों में मुख्यमंत्री के नाम ज़िलाधीश (कलेक्टर) को ज्ञापन दिया।पूरे प्रान्त में किसानों से हो रही लूट का विरोध प्रदर्शन किया गया।प्रान्त के सभी जिलों में राजस्व विभाग के अधिकारी किसानों का शोषण कर रहे हैं। नामांतरण, बटान,सीमांकन, बही बनवाने से लेकर हर काम मे किसानों से पैसे मांगे जाते हैं बिना लिए दिए कोई काम राजस्व विभाग में नही हो रहा है।पूरे प्रांत में खाद की कालाबाजारी चरम पर है, नकली खाद, बीज,दवाइयां धड़ल्ले से बेची जा रही है जिनपर शिकायत करने पर भी कोई कार्यवाही नही होती है।
विद्युत विभाग किसानों को मनमाने बिल भेज रहा है जमा न करने पर एक तरफ कार्यवाही की जा रही है कही कही तो 2 एकड़ की किसान को भी हज़ारो के बिल थमाए जा रहे हैं 5 हार्सपावर के कनेक्शन पर 10 हार्सपावर के बिल दिए जा रहे हैं। 8 से 10 घंटे बिजली देने की बजाए 6 घण्टे बिजली दी जा रही है।
कृषि विभाग के अधिकारी कागजो पर योजनाएं चला रहे हैं।सरकार द्वारा सब्सिडी व अनुदान भ्रस्टाचार में बर्बाद किया जा रहा है।गेंहू, सोयाबीन,धान के भाव अपने निचले स्तर पर पहुच गए हैं।मंडियों में भी फसलों को व्यापारी द्वारा ओने पौने दाम लगाकर किसानों से खरीदा जा रहा है।
पूरे प्रान्त में भारतीय किसान संघ ने ज्ञापन के माध्यम से सरकार एवं प्रशासन को चेतावनी दी है कि अगर सात दिवस के अंदर सरकार एवं प्रशासन ये किसानों से लूटमार बंद नही करता है तो भारतीय किसान संघ भोपाल के प्रशासनिक मुख्यालय वल्लभ भवन का घेराव करेगा।जिसकी पूरी जवाबदारी सरकार एवं प्रशासन की होगी।प्रान्त के सभी जिलों भोपाल,सीहोर, विदिशा, रायसेन, भिंड, मुरैना, बैतूल, राजगढ़ आदि 16 जिलों में ज्ञापन दिया गया।भोपाल में भारतीय किसान संघ के ज्ञापन के पूर्व प्रशासन से परेशान किसान के परिवार ने कलेक्टर कार्यालय परिसर में आत्मदाह का प्रयास किया।


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