एफएमसीजी क्षेत्र की ग्रोथ सितंबर तिमाही तक रह सकती है सुस्त
नई दिल्ली । रोजमर्रा के उपभोग वाले उत्पाद (एफएमसीजी) क्षेत्र में अनिश्चित कारोबारी परिदृश्य की वजह से इस साल सितंबर तिमाही तक धीमी रफ्तार से वृद्धि होने का अनुमान है। एक डेटा एवं सलाहकार फर्म की एक रिपोर्ट के मुताबिक कृषि क्षेत्र में अनिश्चितता बनी रहने से मांग पर असर पड़ सकता है। इसके अलावा आगामी आम चुनावों से भी एफएमसीजी उत्पादों की खपत बढ़ने की संभावना नहीं दिख रही है। हालांकि, फर्म ने उम्मीद जताई है कि सितंबर तिमाही के बाद एफएमसीजी क्षेत्र की वृद्धि उत्तरोत्तर बेहतर होगी। दूसरी छमाही में रबी की अच्छी फसल होने पर यह साल भी अच्छा साबित हो सकता है। रिपोर्ट कहती है कि गर्मियों से संबंधित कुछ श्रेणियों और कपड़े धोने के उत्पाद भी उद्योग को कुछ हद तक समर्थन देंगे। हालांकि, इन श्रेणियों में संयुक्त वृद्धि का समग्र एफएमसीजी पर प्रभाव नगण्य ही रहेगा। ऐसी स्थिति में साल 2024 की तीसरी तिमाही तक एफएमसीजी की वृद्धि कम होने का अनुमान है। पिछले साल की पहली छमाही के मजबूत प्रदर्शन की वजह से इस साल की पहली छमाही में एफएमसीजी की वृद्धि स्थिर भी रह सकती है। हालांकि, उसके बाद हालात धीरे-धीरे बेहतर होते जाएंगे। जहां तक 2024 के चुनावी साल होने से मांग बढ़ने की संभावना का सवाल है तो इस रिपोर्ट में इससे इनकार किया गया है।


टी20 विश्वकप 2026 के 20 बड़े आंकड़े: छक्कों-शतकों की बरसात, बुमराह का जलवा
एमपी में दिखने लगा ईरान-इज़राइल युद्ध का असर, भोपाल में कमर्शियल गैस सिलेंडर पर रोक
हिंसा के बाद पश्चिम गारो हिल्स में कर्फ्यू लागू
पावर कंजम्प्शन में उछाल: फरवरी में देश की बिजली खपत 133 अरब यूनिट पहुंची
ट्रंप प्रशासन से टकराई एआई कंपनी एंथ्रोपिक, पेंटागन के खिलाफ अदालत पहुंचा मामला