प्रवासी मजदूरों को बड़ी राहत, 5 किलो LPG सिलिंडर का कोटा दोगुना
नई दिल्ली। केंद्र सरकार ने देश भर के विभिन्न राज्यों में प्रवासी मजदूरों को एक बड़ी राहत देते हुए 5 किलो वाले 'फ्री ट्रेड एलपीजी' (एफटीएल) गैस सिलिंडरों का दैनिक आवंटन (कोटा) दोगुना करने का फैसला किया है। मौजूदा भू-राजनीतिक स्थिति के बीच सरकार यह सुनिश्चित करने का हर संभव प्रयास कर रही है कि देश में पेट्रोल, डीजल और एलपीजी की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहे। पेट्रोलियम मंत्रालय के इस अहम नीतिगत फैसले से शहरों में काम करने वाले लाखों श्रमिकों को सीधा फायदा मिलेगा।
कोटे में बढ़ोतरी और वितरण का नया ढांचा
पेट्रोलियम मंत्रालय की एक आधिकारिक अधिसूचना के अनुसार, सिलिंडर का यह बढ़ा हुआ आवंटन प्रवासी श्रमिकों को प्रदान की जाने वाली औसत दैनिक आपूर्ति पर आधारित होगा। यह संशोधित नया आवंटन सरकार द्वारा मार्च में घोषित की गई 20 प्रतिशत की पिछली सीमा के पार चला गया है। सरकार ने स्पष्ट किया है कि ये अतिरिक्त पांच किलो वाले एफटीएल सिलिंडर सीधे राज्य सरकारों और उनके खाद्य व नागरिक आपूर्ति विभागों को सौंपे जाएंगे। इन सिलेंडरों का वितरण तेल विपणन कंपनियों की सहायता से विशेष रूप से केवल प्रवासी मजदूरों के लिए ही किया जाएगा, ताकि लक्षित वर्ग तक इसका लाभ पहुंच सके।
बुकिंग के नए नियम और ऊर्जा प्रबंधन
एलपीजी की मांग को सुचारू रूप से पूरा करने के लिए सरकार ने मांग और आपूर्ति से जुड़े कई कड़े और महत्वपूर्ण कदम उठाए हैं:
- रिफाइनरी आउटपुट: मांग पूरी करने के लिए रिफाइनरियों का उत्पादन बढ़ाया जा रहा है।
- बुकिंग अंतराल में बदलाव: गैस बुकिंग का समय बढ़ाकर शहरी क्षेत्रों में 25 दिन और ग्रामीण क्षेत्रों में 45 दिन तक कर दिया गया है।
- वैकल्पिक ईंधन की व्यवस्था: एलपीजी पर से दबाव कम करने के लिए मिट्टी का तेल और कोयले जैसे वैकल्पिक ईंधनों को भी उपलब्ध कराया गया है।
- पीएनजी का विस्तार: सभी राज्यों को पीएनजी कनेक्शन का नेटवर्क तेज गति से विस्तारित करने की सलाह दी गई है।
सरकार ने साफ किया है कि इन सबके बीच घरेलू एलपीजी और पीएनजी आपूर्ति के साथ-साथ अस्पतालों और शैक्षणिक संस्थानों जैसे अति-महत्वपूर्ण क्षेत्रों को सर्वोच्च प्राथमिकता दी जा रही है।
डिजिटल भुगतान को बढ़ावा और आपूर्ति का हाल
सरकार ने आम नागरिकों को सलाह दी है कि वे एलपीजी बुकिंग के लिए डिजिटल माध्यमों का ही उपयोग करें और जब तक बहुत जरूरी न हो, डिस्ट्रीब्यूटर के पास जाने से बचें। साथ ही, लोगों से अपील की गई है कि वे घबराहट में जरूरत से ज्यादा खरीदारी न करें और सूचनाओं के लिए केवल आधिकारिक स्रोतों पर ही भरोसा करें। प्रवासी श्रमिकों को आश्वस्त करते हुए सरकार ने कहा है कि उनकी एलपीजी आपूर्ति में कोई व्यवधान नहीं है। ताजा आधिकारिक आंकड़ों के अनुसार, हाल ही में लगभग 51 लाख घरेलू एलपीजी सिलिंडरों की डिलीवरी की गई है। इस दौरान ऑनलाइन बुकिंग का आंकड़ा उछलकर 95 प्रतिशत तक पहुंच गया है। इसके अलावा, गैस की कालाबाजारी या हेराफेरी रोकने के लिए 'डिलीवरी ऑथेंटिकेशन-आधारित' वितरण प्रणाली का सख्ती से पालन किया जा रहा है।


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