अमेरिका द्वारा लगाए गए प्रतिबंध: रूस और चीन की कंपनियों को निशाना क्यों बनाया?
अमेरिका ने यूक्रेन युद्ध को लेकर 400 रूसी और चीनी कंपनियों पर प्रतिबंध लगा दिया है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने 23 अगस्त को कहा कि उसने उन कंपनियों और व्यक्तियों को निशाना बनाया है जिनके उत्पाद और सेवाएं रूस को अपने सैन्य प्रयासों को बनाए रखने और प्रतिबंधों से बचने में सक्षम बनाती हैं।
प्रतिबंध सूची में 34 रूसी शामिल हैं, जिनमें रूसी रक्षा मंत्री एंड्री बेलौसोव के बेटे पावेल बेलौसोव भी शामिल हैं। रूस और चीनियों के अलावा बेलारूस, इटली, तुर्की, आस्टि्रया, लिकटेंस्टीन, स्विट्जरलैंड के नागरिक भी अमेरिकी प्रतिबंधों में शामिल हैं।
यूक्रेन का समर्थन करेगी अमेरिकी सरकार
इसके अलावा, अमेरिकी वाणिज्य विभाग के उद्योग और सुरक्षा ब्यूरो (बीआइएस) ने घोषणा की कि वह यूक्रेन पर क्रेमलिन के अवैध युद्ध के लिए रूस और बेलारूस को यूएस-मूल और यूएस ब्रांडेड वस्तुओं की आपूर्ति को और अधिक प्रतिबंधित करने के लिए आक्रामक कार्रवाई कर रहा है। अमेरिकी ट्रेजरी विभाग ने कहा कि अमेरिकी सरकार यूक्रेन का समर्थन करना जारी रखेगी, क्योंकि वह अपनी स्वतंत्रता की रक्षा कर रहा है।


केरल विधानसभा चुनाव: पीनाराई विजयन ने विपक्ष पर साधा तीखा हमला
गिरते रुपया पर कांग्रेस का निशाना, अमिताभ बच्चन को याद दिलाया 2013 का ट्वीट
ममता बनर्जी ने पीएम मोदी पर साधा निशाना
इंदौर में करण औजला का बड़ा कॉन्सर्ट, नगर निगम ने की साउंड सिस्टम जब्ती
न स्टे, न राहत: सोम डिस्टिलरीज केस 23 मार्च को फिर टॉप प्राथमिकता पर सुना जाएगा