अतिक्रमण कार्रवाई के दौरान उज्जैन में महिला ने अधिकारियों पर किया लाल मिर्च हमला
उज्जैन। मध्य प्रदेश के उज्जैन जिले में अवैध कब्जा हटाने पहुंची प्रशासनिक और पुलिस की टीम को उस समय बेहद अजीब और खतरनाक स्थिति का सामना करना पड़ा, जब एक महिला ने उन पर लाल मिर्च पाउडर से हमला कर दिया। इस औचक हमले के बाद मौके पर अफरा-तफरी मच गई और टीम को बिना अतिक्रमण हटाए ही बैरंग वापस लौटना पड़ा। इस पूरी घटना का एक वीडियो भी सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसमें महिला अपने घर की छत पर खड़े होकर नीचे मौजूद शासकीय कर्मचारियों पर लगातार मिर्च पाउडर फेंकती हुई साफ नजर आ रही है।
शुरुआत में रजामंदी, फिर दरवाजा बंद कर छत से किया हमला
यह पूरा हाई-वोल्टेज ड्रामा उज्जैन के खाचरौद तहसील के अंतर्गत आने वाले ग्राम घिनोदा का है। ग्राम पंचायत सचिव चंद्रभान सिंह के मुताबिक, गांव के रहने वाले मांगीलाल पाटीदार ने अपने घर के आगे सरकारी जमीन पर काफी दूर तक अवैध कब्जा कर रखा था, जिसकी शिकायत मिलने पर 19 मई को पुलिस और राजस्व विभाग की संयुक्त टीम कार्रवाई करने पहुंची थी। मौके पर टीम को मांगीलाल और उनकी पत्नी सजन बाई मिले। जब अधिकारियों ने उन्हें कब्जा हटाने को कहा, तो पहले तो दोनों ने सहमति जताई, लेकिन थोड़ी ही देर बाद उन्होंने चालाकी से घर का मुख्य दरवाजा अंदर से बंद कर लिया और सीधे छत पर चढ़ गए। छत पर पहुंचते ही सजन बाई ने नीचे खड़े अमले पर मिर्च पाउडर बरसाना शुरू कर दिया।
भीषण गर्मी में मिर्च के थपेड़े, बिना कार्रवाई के लौटी टीम
मई की चिलचिलाती धूप और भीषण गर्मी के बीच अचानक हुए इस मिर्ची अटैक से मौके पर मौजूद पटवारी, आरआई (राजस्व निरीक्षक) और पुलिसकर्मियों की आंखों व शरीर में तेज जलन होने लगी। अधिकारियों ने नीचे से ही दंपती को समझाने-बुझाने का काफी प्रयास किया और उन्हें शांत होने को कहा, लेकिन महिला पर इसका कोई असर नहीं हुआ और वह लगातार ऊपर से मिर्च पाउडर फेंकती रही। स्थिति को बिगड़ता देख और अपनी सुरक्षा को खतरे में पाकर पूरी टीम को बैकफुट पर आना पड़ा और वे बिना अतिक्रमण हटाए ही वहां से दुम दबाकर भागने पर मजबूर हो गए।
शासकीय कार्य में बाधा का मामला; उच्च अधिकारियों से की गई शिकायत
इस हिंसक विरोध और अभद्रता के बाद प्रशासनिक अमले ने कानूनी रुख अख्तियार कर लिया है। मौके से लौटे दल ने पूरी घटना की विस्तृत रिपोर्ट तैयार कर अपने उच्च अधिकारियों को भेज दी है। महिला और उसके पति के खिलाफ सरकारी काम में रुकावट डालने, अधिकारियों पर हमला करने और कानून हाथ में लेने के आरोप में सख्त कानूनी कार्रवाई के लिए पत्र लिखा गया है।
प्रशासन का दावा- जल्द दोबारा चलेगा बुलडोजर
इस घटना के बाद भले ही एक बार के लिए टीम पीछे हट गई हो, लेकिन प्रशासन ने साफ कर दिया है कि वे इस तरह के दबाव के आगे झुकने वाले नहीं हैं। अधिकारियों का कहना है कि पुलिस के वरिष्ठ अधिकारियों से चर्चा कर इस बार अतिरिक्त पुलिस बल और महिला पुलिस कर्मियों की विशेष तैनाती की जाएगी। मामले में कानूनी औपचारिकताएं पूरी होते ही जल्द ही दोबारा गांव में बुलडोजर की कार्रवाई की जाएगी और सरकारी जमीन को पूरी तरह अतिक्रमण मुक्त कराया जाएगा।


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