वैभव सूर्यवंशी की तकनीक और आत्मविश्वास ने किया प्रभावित, पूर्व चयनकर्ता ने की सराहना
भारतीय क्रिकेट टीम के पूर्व धाकड़ कप्तान और राष्ट्रीय चयन समिति के पूर्व मुख्य अध्यक्ष दिलीप वेंगसरकर ने भारत के उभरते हुए युवा सनसनी वैभव सूर्यवंशी की प्रतिभा की जमकर सराहना की है। वेंगसरकर का मानना है कि इस युवा खब्बू बल्लेबाज के पास गजब का 'हैंड-आई कोआर्डिनेशन' (हाथ और आंख का अद्भुत सामंजस्य) है। वह मैदान के चारों तरफ ऐसे चमत्कारी और अकल्पनीय शॉट्स खेलते हैं, जो उनकी बल्लेबाजी को समकालीन युवा क्रिकेटरों में सबसे अलग और अविश्वसनीय श्रेणी में खड़ा करता है।
मुंबई क्रिकेट एसोसिएशन (MCA) की टीम के साथ यूनाइटेड किंगडम (यूके) के दौरे पर गए वेंगसरकर ने एक विशेष साक्षात्कार में उम्मीद जताई कि महज 15 वर्षीय सूर्यवंशी को आगामी भारत के आयरलैंड दौरे और उसके बाद होने वाले इंग्लैंड दौरे पर जब भी अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में पदार्पण (डेब्यू) का अवसर मिलेगा, वह उस मौके का पूरा फायदा उठाने का दम रखते हैं।
जब भी मौका मिलेगा, दोनों हाथों से लपकेंगे वैभव सूर्यवंशी
दिलीप वेंगसरकर ने युवा खिलाड़ी की काबिलियत पर पूरा भरोसा जताते हुए कहा, "मुझे इस बात को लेकर कोई संशय नहीं है कि वैभव को जल्द ही नीली जर्सी पहनने का अवसर मिलेगा। एक बार जब वह भारतीय टीम के मुख्य एकादश में शामिल हो गए, तो वह इस मौके को दोनों हाथों से भुनाएंगे क्योंकि वह एक असाधारण प्रतिभा के धनी हैं। उनके खेलने की शैली बिल्कुल जुदा है। वह अपने शानदार बैट स्विंग और टाइमिंग के दम पर बड़ी सहजता से गेंद को बाउंड्री लाइन के पार भेजने की क्षमता रखते हैं। फटाफट क्रिकेट (टी20 प्रारूप) में तो उनका हालिया प्रदर्शन अब तक लाजवाब रहा है।"
लंबे प्रारूप (टेस्ट क्रिकेट) को लेकर क्या है वेंगसरकर की राय?
जब पूर्व दिग्गज से यह सवाल किया गया कि क्या सूर्यवंशी के भीतर भारत के लिए पारंपरिक टेस्ट क्रिकेट खेलने की क्षमता और धैर्य है? इस पर वेंगसरकर ने व्यावहारिक रुख अपनाते हुए कहा, "इस विषय पर अभी से कोई अंतिम टिप्पणी करना थोड़ी जल्दबाजी होगी, क्योंकि वर्तमान में हम उन्हें सिर्फ टी20 फॉर्मेट में आक्रामक रुख के साथ खेलते देख रहे हैं। मैंने व्यक्तिगत रूप से उन्हें अभी तक लंबे प्रारूप (प्रथम श्रेणी या टेस्ट) के कड़े इम्तिहान में खेलते नहीं देखा है। हालांकि, मुझे पूरा विश्वास है कि जब भी उन्हें इस प्रारूप के लिए आजमाया जाएगा, वह वहां भी उम्दा प्रदर्शन करेंगे। हमें थोड़ा धैर्य रखना होगा और यह देखना होगा कि वह पांच दिनों के खेल में अपनी पारी को कैसे बुनते हैं, जो कि किसी भी क्रिकेटर के असली कौशल की पहचान होती है।"
युवा ब्रिगेड के लिए मिसाल हैं सचिन तेंदुलकर
वैभव जैसे युवा खिलाड़ियों को जमीनी हकीकत से जुड़े रहने की सीख देते हुए वेंगसरकर ने महान बल्लेबाज सचिन तेंदुलकर का उदाहरण दिया। उन्होंने पुरानी यादें ताजा करते हुए कहा, "जब मैंने पहली बार सचिन को मैदान पर खेलते देखा था, तो वह अपनी उम्र के बाकी लड़कों की तुलना में मानसिक रूप से कहीं ज्यादा परिपक्व और शांत नजर आते थे। उन्होंने मुंबई के स्कूल टूर्नामेंट्स और घरेलू क्लब क्रिकेट में रनों का अंबार लगाकर खुद को साबित किया था। वह अंतरराष्ट्रीय स्तर की विश्वस्तरीय गेंदबाजी का सामना करने के लिए मानसिक रूप से पूरी तरह तैयार थे, और इसी दृढ़ता को देखकर हमने उन्हें राष्ट्रीय टीम में चुना था। खेल के प्रति उनका समर्पण, कड़ा अनुशासन और अटूट फोकस अद्भुत था। वैभव सहित आज की युवा पीढ़ी को सचिन के उसी शुरुआती दौर के एटीट्यूड को अपना आदर्श बनाना चाहिए।"
कप्तान के रूप में श्रेयस अय्यर का पूरा समर्थन
टीम इंडिया के टी20 अंतरराष्ट्रीय प्रारूप में कप्तानी की जिम्मेदारी संभालने वाले श्रेयस अय्यर को लेकर भी पूर्व मुख्य चयनकर्ता ने सकारात्मक प्रतिक्रिया दी। उन्होंने कहा कि श्रेयस आगे रहकर टीम की अगुवाई करना बखूबी जानते हैं। एक बल्लेबाज के तौर पर उनका खुद का शानदार फॉर्म उन्हें मैदान के भीतर और बाहर कप्तानी से जुड़े कड़े और बोल्ड फैसले लेने की अतिरिक्त ताकत देता है। वह रणनीतिक रूप से काफी सोच-समझकर निर्णय लेने वाले कप्तान हैं और भविष्य में भारतीय टीम को नई ऊंचाइयों पर ले जाएंगे।
सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल को टेस्ट में मिले लगातार मौके
दिलीप वेंगसरकर का स्पष्ट मानना है कि सरफराज खान और देवदत्त पडिक्कल जैसे मध्यक्रम के प्रतिभावान बल्लेबाजों को टेस्ट क्रिकेट में अपनी जगह पक्की करने के लिए पर्याप्त अवसर दिए जाने चाहिए। उन्होंने याद दिलाते हुए कहा, "कुछ समय पहले धर्मशाला में इंग्लैंड के खिलाफ खेले गए टेस्ट मुकाबले में इन दोनों युवाओं ने जिस तरह विपरीत परिस्थितियों में बल्लेबाजी की थी, उसने मुझे बेहद प्रभावित किया था। मैच के एक बेहद नाजुक मोड़ पर दोनों ने सूझबूझ भरी साझेदारी कर टीम को संभाला था। सरफराज के पास कमाल की तकनीक और गजब का टेंपरामेंट है। हालांकि, अंतरराष्ट्रीय स्तर पर आपको अपनी फिटनेस को लेकर हमेशा सतर्क रहना होगा, क्योंकि टीम में प्रतिस्पर्धा बहुत अधिक है और आप अपनी जगह को तय मानकर सुस्त नहीं पड़ सकते।"
हार्दिक पंड्या और रोहित शर्मा के भविष्य पर बड़ा बयान
चोटों से जूझने वाले स्टार ऑलराउंडर हार्दिक पंड्या को लेकर वेंगसरकर ने कहा कि पंड्या एक परिपक्व खिलाड़ी हैं और वे अच्छी तरह जानते हैं कि वर्कलोड को मैनेज करते हुए अपने शरीर से सर्वश्रेष्ठ प्रदर्शन कैसे निकालना है। यह सब उनकी मैच फिटनेस और मानसिक फोकस पर निर्भर करता है।
वहीं, कप्तान रोहित शर्मा के साल 2027 के वनडे वर्ल्ड कप में खेलने या न खेलने की संभावनाओं पर वेंगसरकर ने कहा, "यह फैसला पूरी तरह से रोहित शर्मा के विवेक पर ही छोड़ दिया जाना चाहिए। उन्होंने भारतीय क्रिकेट के लिए जो योगदान दिया है, वह बेमिसाल है। वह पिछले लगभग दो दशकों से अंतरराष्ट्रीय स्तर पर लगातार खेल रहे हैं। उन्हें अपने शरीर, फॉर्म और भविष्य की प्राथमिकताओं का सबसे बेहतर अंदाजा है, इसलिए इस विषय पर वही सबसे सही फैसला लेंगे।"


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